Blog 4 Flashback 2: My journey from Chandigarh to Jhansi – Part 2

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Blog 4 Flashback 2: My journey from Chandigarh to Jhansi – Part 2: Despite the happiness of being alone, there were some questions in mind. Can I live alone so far from my house? Can I decide what is right and what is wrong? I had to make some decisions for the answers to these questions. And these decisions were made to me today and now. The reason for this was that afterwards maybe I could not take some decisions.

Blog 3 Flashback 1: My journey from Chandigarh to Jhansi

Blog 4 Flashback 2: My journey from Chandigarh to Jhansi – Part 2: अकेले रहने की चाहत पूरी होने की ख़ुशी के बावजूद कुछ प्रश्न थे दिमाग मे। क्या मैं अपने घर से इतना दूर अकेला रह सकूंगा? क्या मैं क्या सही है और क्या गलत यह फैसला ले सकूंगा? इन प्रश्नों के उत्तर के लिए शायद मुझे कुछ फैसले करने थे। और यह फैसले मुझे आज और अभी करने थे। इसकी वजह यह थी कि बाद मैं शायद कुछ फैसले ना ले सकूँ। 

Question 1: Can I live alone so far from my house? (क्या मैं अपने घर से इतना दूर अकेला रह सकूंगा?)

This question was not very difficult. The answer was in that I had the desire to get out of the house and for that all I need to control my emotions. Get out of any attachment to anyone (anyone means all included). Which I’m following so far.

यह प्रश्न बहुत मुश्किल नहीं था जवाब था कि मुझे घर से बाहर निकलने की इच्छा थी और इसके लिए मुझे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की ज़रूरत थी। किसी के साथ किसी भी लगाव नहीं रखना (किसी का मतलब है सभी शामिल)। जो मैं अब तक फॉलो कर रहा हूँ। 

Question 2: Can I decide what is right and what is wrong? क्या मैं क्या सही है और क्या गलत यह फैसला ले सकूंगा?

The answer to this question was probably the most difficult for me. Difficult because the things whether it is right and wrong is different for everyone. And how can I identify myself that I am right? Thinking that I made a decision. I will do just what I feel ok. And once the decision which took place. I will follow and stick on that, no matter what anyone says.

यह प्रश्न का उत्तर शायद मेरे लिए सबसे मुश्किल था। मुश्किल इसलिए क्यूंकि सही और गलत की परिभाषा सबके लिए अलग अलग होती है। और अगर सबके लिए सही और गलत अलग अलग है तो मैं ही सही हूँ यह कैसे पता कर सकता हूँ। यही सोचते हुए मैंने एक निर्णय लिया। जो मुझे ठीक लगेगा मैं सिर्फ वही करूँगा। और एक बार जो निर्णय ले लिया। उससे फिर पीछे नहीं हटूंगा, चाहे कोई कुछ भी कहे है। 

Today, when I think about the answer to my second question, it seems now that I probably took the wrong decision at that time. Because of this decision, I have also hurt my loved ones. What do you guys think? Did I make the right decision? But due to this decision, I have never consumed alcohol and have never smoked.

आज जब मैं अपने दूसरे प्रश्न के उत्तर के बारे मैं सोचता हूँ तो अब लगता है कि मैंने शायद उसे समय गलत डिसिशन लिया। इस फैसले की वजह से मैंने अपनों को भी दुःख दिया है। आप लोगों को क्या लगता है? क्या मैंने सही फैसला लिया था? मगर इस फैसले की वजह से मैंने आज तक कभी अल्कोहल का सेवन नहीं किया और ना कभी धूम्रपान किया है। 

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